स्वाभिमान से जीने की आदत पड़ गई है बेटा ! अब यह बदल नहीं सकती।" स्वाभिमान से जीने की आदत पड़ गई है बेटा ! अब यह बदल नहीं सकती।"
जब सामने पूरी मधुशाला हो तो कौन कमबख्त एक जाम लेगा। जब सामने पूरी मधुशाला हो तो कौन कमबख्त एक जाम लेगा।