जब चोट लगती हैं तो अपने ही याद आते...वों ही मुँह मोड़ ले तो बहुत तकलीफ होती। जब चोट लगती हैं तो अपने ही याद आते...वों ही मुँह मोड़ ले तो बहुत तकलीफ होती।