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My Better Half Sushma ! Jain

Others

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सच्ची सुहागरात !

सच्ची सुहागरात !

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"आज 10 तारीख है I शाम को तनख्वाह लेकर सीधे घर आना I उस मुए कलुआ के साथ, नोट दूने करने के चक्कर में, जुए के फड़ पर मत बैठ जाना I पिछले माह आधी तनख्वाह दे आए थे I

 "ठीक है" मुंह बिचका कर रामू साइकिल की चाबी लेकर बाहर निकल गया I

 गुड्डी पति को जाते हुए देखती रही जब तक कि वो आंखों से ओझल न हो गय I और फिर लौटकर घर के काम में लग गई I घर का कार्य निपटा कर उसे भी तो बाबूजी के यहां, कोठी में, काम करने जाना था I और वहां से "साहब जी "के यहां खाना बनाने भी जाना था I उसने जल्दी-जल्दी काम समाप्त किया और बाहर निकल गईI रास्ते में उसकी सहेली मीरा भी मिल गई और दोनों ही कॉलोनी में कार्य करने हेतु तेज गति से चल पड़ी I गुड्डी और मीरा दोनों आस पास रहती हैं I मीरा का पति किसना भी गुड्डी के पति रामू के साथ उसी जूते की फैक्ट्री में काम करता है I

 दोनों सहेलियां चलते चलते बातें करती जा रही थी I मीरा कह रही थी कि आज किसना तनख्वाह ले कर आए तो राशन वाले का पुराना हिसाब चुकता कर सबसे पहले घर का राशन लाऊंगी I पिछले महीने तो तनख्वाह में से आधे तो दारू वाले के यहां खर्च कर आया था और जो पैसा बचा, उस से मकान का किराया और बिजली का बिल भर गया I राशन वाले को पुराना उधार न चुका सकने के कारण नए महीने का राशन आने का तो प्रश्न ही नहीं उठता थाI इस माह तो रोजाना सामान ला ला कर गृहस्थी चलाई है I

 गुड्डी की परेशानियां भी कम नहीं थी परंतु उसको एक कोठी पर और काम मिल गया था जिससे उसकी कमाई बढ़ गई I दूसरे उसके बड़े बेटे ने एक स्कूटर रिपेयरिंग की दुकान पर कार्य करना शुरू कर दिया है और कुछ कमाई कर गुड्डी को पैसा दे देता है I

गुड्डी के चार बेटे हैं जब कि मीरा के पास दो बेटे और दो बेटियां हैं I गुड्डी का सबसे बड़ा बेटा लगभग 15 साल का है I गुड्डी ने उसे पढ़ाने की बहुत कोशिश की लेकिन पढ़ने में नाकारा निकला और काम करने के लिए निकल गया I यद्यपि स्कूटर रिपेयरिंग की दुकान से उसे कम पैसे ही मिलते थे परंतु अपनी दुकान खोलने की इच्छा से वह यह कार्य सीखना चाहता था I

 कोठियों से कार्य निपटा कर गुड्डी और मीरा दोनों लगभग 3:00 बजे वापस लौटी I घर पर जाकर बच्चों के लिए शाम के खाने की तैयारी करनी थी I

 गुड्डी सोच रही थी कि यदि रामू आज पूरी तनख्वाह लाकर देता है तो सबसे पहले राशन वाले का हिसाब चुकता कर नए महीने के लिए सामान ले आऊंगी I उसे विश्वास था कि इस बार रामू पूरी तनख्वाह लेकर ही आएगा, मीरा के पति की तरह वह दारू नहीं पीता है और सोचते-सोचते यह अतीत में खो गई कि किस प्रकार उसकी बड़ी भाभी ने रामू की दारू की आदत छुड़वाई थी I


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