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Parul Sharma

Children Stories Inspirational

4  

Parul Sharma

Children Stories Inspirational

पुरानी कमीज़

पुरानी कमीज़

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राकेश का आज फिर विद्यालय जाने का मन नहीं थाI इसलिए नहीं कि वह पढने से जी चुराता था बल्कि वह तो पढाई में बहुत होशियार थाI उसकी समस्या उसकी कमीज़ थी जो तीन दिन पहले खेलते हुए फट गई थी I यूँ तो उसके पास एक पुरानी कमीज थी पर वह भी पहनने योग्य नहीं थीI सुबह जब पिताजी काम पर जाते राकेश उन्हें रोज अपनी नई कमीज लाने की याद दिलाता और वे राकेश को विद्यालय समय पर जाने की याद दिलाते हुए चले जाते I आज तो राकेश ने सोच ही लिया था कि वह उस बदरंगी पुरानी कमीज को पहन कर विद्यालय नहीं जायेगाI आखिर वह अब बड़ा हो गया था और उसे पुरानी कमीज पहन कर विद्यालय जाने में शर्म आती थीI 

अभी राकेश पुरानी कमीज निहार ही रहा था कि रोज की तरह सुमित की आवाज उसके कानों में पड़ी, वह उसे पुकार रहा था आखिर दोनों विद्यालय जो एक साथ जाते थेI राकेश ने दुखी मन से सारी बात बताते हुए सुमित से कहा कि आज वह विद्यालय नहीं जा पाएगा I सुमित ने मुस्कुराते हुए कहा,” बस इतनी सी बात है!” और ये कहते हुए उसने अपनी कमीज उतारकर राकेश के कंधे पर रख दी और उसके हाथ से उसकी पुरानी कमीज लेकर पहन ली I राकेश सुमित को देखता रह गया, सुमित ने राकेश को कमीज पहनने का इशारा करते हुए कहा,” जल्दी कर वर्ना देर हो जाएगी”I 

राकेश सोच रहा था कि क्या इस पुरानी कमीज को पहन कर विद्यालय जाना इतना आसान था? राकेश समझ गया था कि हमारी पहचान हमारे कपड़ो से नहीं बल्कि हमारे व्यवहार से होती हैI आज उसके मन में अपनी और सुमित की दोस्ती पर गर्व के साथ-साथ, सुमित के लिए सम्मान भी बढ़ गया थाI     



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