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Yamini Tomar

Others

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Yamini Tomar

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ऑनलाइन वाली दोस्ती

ऑनलाइन वाली दोस्ती

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एक प्यारी सी दोस्त है मेरी, बचपना उसमें बहुत है।

रहतीं मीलों दूर है, फिर भी दिल के बहुत क़रीब है।


लड़ती है, झगड़ती है, फिर आकर खुद मुझे मनाती है।

माना तंग करता हूं मैं भी उसको, इंतजार तो वो भी मेरा करती है।


रूठी है आज मुझसे, पर आशु मेरे भी आंखों में है।

माना हो गई गलती मुझसे, माफ़ कर दे बस एक बार मुझे।


अकेला होगया हूं तेरे बिना, आकर थाम ले ना हाथ मेरा।

चल माना सारी गलती मेरी है, पर तू क्यूं रिश्ता तोड़ रही है।


रिश्ता यह हमारा है, फिर फैसला क्यूं सिर्फ तुम्हारा है।

हर पल रहूंगा साथ तुम्हारे, क्यू कि यह दोस्त सिर्फ तुम्हारा है।


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