मेरे शहर में ...
मेरे शहर में ...
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उस शहर से तो मुझे बचपन से प्यार था। जब छोटा था तो कहीं नहीं बस उस शहर में रहने की ज़िद किया करता था।
पता नहीं था बचपन के प्यार में जवानी का इश्क़ भी शामिल हो जायेगा।
तुम्हें पता है मैं तुम से इतना गहरा प्रेम क्यों करता हूँ ?
क्योंकि तुम्हें याद करना मेरे लिए मेरे शहर को जीने की तरह है। मैं तो उस शहर में नहीं रह रहा हूँ अब पर जब तक तुम वहां हो तब तक वो शहर तुम्हारे अंदर है और मैं भी।
