माँ की ममता
माँ की ममता
एक बार की बात है एक बड़ा प्रतिष्ठित राजा था, वो समय समय पर अपनी जनता के बारे में जानकारियां लेता रहता था ,जनता को कोई दुख तकलीफ तो नहीं कोई किसी तरह से परेशान तो नहीं यूँ बोल सकते है जनता के प्रति जिम्मेदार राजा, उसकी रानी भी बिल्कुल वैसी ही थी रानी बहुत गुणवान और समझदार थी, एक बार उसने राजा को सुझाव दिया आप सेना में कुछ पदों पर महिलाओं को भी रखे, तब राजा बोले रानी यहाँ की महिलाएँ केवल घर के कामों में निपुण है, सेना में क्या करेंगी। रानी हँसने लगी बोली देखिए आप मानते हैं ना में आपसे ज्यादा बुद्धिमान हूँ, राजा बोला वो तो तभी तुम्हारी सलाह के बिना कुछ नहीं करता, तो रानी बोली तो मिल गया ना पद सलाहकार! राजा फिर मुस्कराते हुए बोले आप बुद्धिमान के साथ हाजिर जवाब भी हैं, बस तो राजा ने कहा अब ये भी सुझाए के कैसे एक बुद्धिमान और नेक दिल सलाहकार मिलेगी, रानी ने कहा आपने कहा यहां की महिलाएँ सिर्फ घर तक सीमित हैं तो ठीक उनसे कुछ ऐसी ही पहेली का जवाब माँगा जाएगा, अगले ही दिन राजा ने पूरे राज्य में मुनादी करवा दी के इस राज्य की सबसे कीमती चीज जो मेरे पास भी ना हो जो महिला लाकर दिखाएगी, वो मेरी पहली महिला सलाहकार होगी। राज्य में हर तरफ उत्सुकता से भरे लोग राजा से मिलने आए, काफी महिलाएँ आयीं कोई सोना कोई कीमती तोहफे कोई हस्त कला के समान पता नहीं क्या क्या राजा ने केवल तीन दिन का समय दिया था, और चयन करने बैठी थी खुद उनकी रानी समय का अंत निकट था पर कोई योग्य महिला नहीं मिल पा रही थी रानी का सब्र टूटता जा रहा था, कि क्या सचमुच महिलाएँ इतनी कम बुद्धिमान हैं, वो मन ही मन कहने लगी प्रभु मेरी बात का मान रखिए महिलाओं को आगे आने का अवसर दीजिए, रात होने को आयी राजा रानी को देख मुस्कुराए, रानी पहली बार आपका सुझाव हारने वाला है रानी ने तब भी बड़ी बहादुरी से कहा थोड़ा समय और दीजिए, तभी एक फटे हाल कपड़ों में अपने एक साल के मासूम से बच्चे को लेकर महिला आयीं सिपाही उसे रोकने लगे रानी को शोर सुनायी दिया राजा रानी ने उस महिला को अंदर बुलाया राजा बड़ी विनम्रता से बोले दीजिए क्या क्या लायी हैं आप, महिला ने राजा की गोद में खुद का बेटा रख दिया राजा की आंखों में खुशी के आंसू छलक आए, उनकी माँ काफी पहले ही उन्हें छोड़ कर जा चुकी थी और राजा रानी को बच्चे नहीं थे। बस राजा खुद खड़े होकर तालियां बजाने लगे साथ रानी भी, राजा बोले ये हैं हमारी पहली महिला सलाहकार जिन्होंने सबसे कीमती चीज अपना बेटा बताया इनका मन साफ़ है साथ ही मैं कितना ही धनवान हूँ पर बच्चा नहीं है तो एक लाचार राजा हूँ, राजा ने रानी को सबके सामने धन्यवाद दिया कहा मानना पड़ेगा महिलाएँ हमसे कम नहीं। उस महिला को सलाहकार पद दिया गया साथ ही उसके बच्चे की अच्छी परवरिश का जिम्मा राजा ने स्वयं लिया।
सीख- माँ के लिये सबसे कीमती उसका बच्चा है
