कहानी
कहानी
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बचपन में जब भी सोने का समय आता था,दादी के कमरे में जाया जाता था। दादी भी गोद में लिटा कर कहानी सुनाया करती थी।यू तो दादी से बहुत सारी कहानियाँ सुनी है पर एक कहानी ऐसी जो अभी तक मुझे याद है,और अभी तक मेरी मनपसंद कहानी है।
ईमानदार लकड़हारे की कहानी,में हर बार हैरानी थी कि कोई इतना ईमानदार केसे हो सकता हैं।आज भी अगर कोई बचपन कि कहानी का ज़िक्र करता है, मुझे यही कहानी याद आती है।
