जिंदगी लंबी है!
जिंदगी लंबी है!
हे भगवान, आखिर मेरी जिंदगी और कितनी लंबी है? सोने जाने वक्त 25 साल की उर्वशी ने भगवान से पूछा। दरअसल, उर्वशी अक्सर रात को सोने से पहले मन ही मन भगवान से बातें किया करती थी। उर्वशी वैसे तो 25 साल की थी, लेकिन इतने ही सालों में उसने अपनी जिंदगी में कई उतार चढ़ाव देखे थे। उर्वशी सिर्फ 12 साल की थी जब उसकी मां बीमार पड़ गई थी। बीमारी ऐसी कि कोई डॉक्टर समझ ही न पाए। उर्वशी की एक बड़ी बहन भी है। वो घर का सारा काम किया करती थी।
दिन बीतते गए, अब उर्वशी 16 साल की हो गई है। आज उसने अपने दसवीं की फाइनल परीक्षा दी है। उर्वशी की मां की तबियत और भी ज्यादा बिगड़ चुकी है। उनकी आंखों की रोशनी खत्म हो गई है। उर्वशी के पिता कोई खास नौकरी नही करते थे। फिर भी उन्होंने अपनी धर्मपत्नी का कई जगह ईलाज करवाया था। ईलाज में अबतक लाखों रुपए खर्च हो गए, लेकिन बिमारी ठीक नहीं हुई।
किसी भी लड़की के लिए 15-16 साल की उम्र ऐसी होती है जब वह लड़की अपनी जिंदगी जीना शुरु करती है । बाहर घूमना - फिरना, कॉलेज जाना, कैंटीन जाना, फिल्में देखना, नए-नए कपड़े खरीदना, रेस्टोरेंट जाना, बाहर खाना, टीन एज लाइफ में कोई भी लड़का या लड़की यह सारी चीजे करता है। लेकिन उर्वशी की किस्मत में यह सब कुछ भी नहीं था। उर्वशी की दिनचर्या थी, सुबह उठना , खाना बनाना, घर के काम करना , मां की सेवा करना, फिर रात को खाना बना कर, खाकर सो जाना , क्योंकि उर्वशी के पिता के पास अब इतने पैसे भी नहीं थे कि वह बड़ी जगह पढ़ाई कर पाए । उर्वशी पढ़ने में अच्छी थी । दसवीं के बाद वह किसी बड़े संस्थान में पढ़ाई करना चाहती थी। लेकिन पैसे नहीं होने की वजह से उसने ऐसे ही किसी लोकल कॉलेज में एडमिशन करवाया। जहां कम खर्चे में कॉलेज की पूरी की जा सकती थी। हर रात सोने से पहले उर्वशी भगवान से बातें किया करती थी। और अक्सर यही पूछा करती थी कि भगवान मेरी मेरे दिन मेरी जिंदगी में खुशियां कब आएगी? कब मैं बाकी लड़कियों की तरह आम जिंदगी जी सकूंगी। कब मैं किसी बड़े संस्थान में पढ़ने जाऊंगी। पढ़ लिखकर एक बड़ी लड़की बनूंगी । बाकी लड़कियों की तरह अपने दोस्तों के साथ बाहर घूमने जाऊंगी। स्कूटी चलाऊंगी । दिनभर चेहरे पर मुस्कान रखने वाली उर्वशी अक्सर रात को खुद में रोती, खुद को संभालते, खुद को चुप कराते वह सो जान करती थी।
दिन बीतता है, उर्वशी की मां की तबीयत में थोड़ी सुधार होती है । उर्वशी के पिता की भी अच्छी खासी कमाई होनी शुरू हो गई है। एक बड़े यूनिवर्सिटी में उर्वशी का एडमिशन हो गया है। जहां से वह अपने आगे की पढ़ाई शुरू करती है। यहां से उर्वशी की जिंदगी बदलने लगी है। अब यहां से उर्वशी अपने अलग दुनिया में कदम रखती है।
आगे की कहानी पार्ट 2 में...
