इंसानियत
इंसानियत
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सब कुछ तो है पर खो गई है इंसानियत
कमा पाते है हम बहुत कुछ पर नहीं कमा पात्र तो वो ये इंसानियत
ज़िंदादिल तो हम बहुत हो गये पर मार दिया हमने अपनी इंसानियत
मिल तो गया हमे बहुत कुछ पर बचा न पाये हम अपनी ' इंसानियत '
