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Adil Ahmad

Children Stories

4.1  

Adil Ahmad

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दो घड़े

दो घड़े

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एक शख़्स के पास दो घड़े थे—एक साबुत और एक टूटा हुआ। वह रोज़ नदी से पानी भरता, लेकिन घर पहुँचते-पहुँचते टूटा घड़ा आधा खाली हो जाता। साबुत घड़े को अपनी ख़ूबी पर नाज़ था और टूटा घड़ा अपनी कमी पर शर्मिंदा।

एक दिन टूटे घड़े ने मालिक से माफ़ी माँगी। मालिक मुस्कुराया और बोला, "ज़रा रास्ते की तरफ़ देखो।"

घड़े ने देखा कि जिस तरफ़ से वह गुज़रता था, वहाँ रंग-बिरंगे फूल खिले थे, जबकि दूसरी तरफ़ सिर्फ़ धूल थी। मालिक ने कहा, "तुम्हारी इसी 'कमी' की वजह से इन फूलों को रोज़ पानी मिला और रास्ता हसीन बन गया।"

सबक़

ज़िंदगी में हमारी कमियाँ भी अक्सर दूसरों के लिए रहमत बन जाती हैं। अपनी कमियों को बोझ न समझें, शायद खुदा उन्हीं के ज़रिए कुछ नया पैदा कर रहा हो।


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