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खुली दिल_की_डगर सजा सपने समंदर पुरूषार्थ तनहासीजिंदगीमेंलोगभीबेगानेसेलगतेहैंअपनेपरायेकीपहचानमेंसभीअनजानेसेलगतेहैं इंसानियत रह गये बूढ़ी ज़ुबाँ आँशु सीधा कंचन प्रभा चेहरा अंजानstorymirrorhindi आसमान किताबीदुनिया नशा रिश्ता

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