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नारी के मन...
“
नारी के मन की व्यथा, कोई समझ न पाया, रुक गया सैलाब आँखों में, मन समन्दर भर पाया । Bhawana Raizada
”
By
Bhawana Raizada
76
नारी
प्रेमनश्वरनाखूबसूरतीनश्वर
सैलाब
आँखें
समन्दर
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