STORYMIRROR

उसे छिप छिप...

उसे छिप छिप कर देखा करती थी, वो चाँद बादलों में छिपा रहता था, आँख मिचौली करता, पर दिल में एक राहत दे जाता था, उसकी हलकी सी झलक ही मेरे चहरे पर रौनक ला देती थी||

By Simmi Bubna
 111