STORYMIRROR

मेरी बाँहों...

मेरी बाँहों की उनसे बात... जिंदगी ने तब से कुछ तो करामात की है बाँहों ने उन्हें सीने में भर जो बात की है...! अजब निशाना ये गजब आदमी का है दिल ने दिल का होने की वारदात की है...!

By इच्छित जी आर्य
 96