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मैं अपने...

मैं अपने सपने लेकर दूसरे शहर आया, आकर यहाँ खुद को अनजान पाया, एक शख्श ने मुझे राह दिखाया, राह में मैं जब जब लरखराया, मैने हमेशा उसका साथ पाया, बिन कुछ कहे उससे रिश्ता जुड़ गया, मुझे अब ये अनकहा रिश्ता समझ आया ।

By Pranav Prakash
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