STORYMIRROR

जिंदगी तब...

जिंदगी तब भी चलती है जब कोई हमारे साथ हो ... जिंदगी तब नई रुक जाती जहाँ कोई साथ न हो ... - संध्या सोलंकी ( " दिल थी " )

By Solanki Sandhya
 142