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जीवन है...

जीवन है तो तुम एक शरीर, अपेक्षा, उलाहना, क्रोध, प्रतीक्षा, प्रशंसा, आत्मीयता, अधिकार जीवन नहीं तो तुम एक अगोचर, विचार, स्मृति, अतीत, शिक्षा, अनुभव©निवेदिता चक्रवर्ती

By Nivedita Chakravorty
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