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हमारे कदमों...

“ हमारे कदमों के निशान मिट जाते हैं रास्तों पर चलते चलते। नाजाने उन लोगों में कया बात होती है जिनके कदमों के निशान पर दुनिया चलती है।। ”

By vishal kumar
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