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गुमां में...

गुमां में मत रहो इतना कि हमसा है नहीं कोई, तुम्हारे बाद तुमसे और बेहतर और आयेंगे, ये दुनिया है जहां इंसान मिट्टी का खिलौना है, खिलौना टूटते ही सारे मिट्टी में मिल जायेंगे, -©®शिवांकित तिवारी "शिवा" (युवा कवि एवं लेखक)

By Shivankit Tiwari "Shiva"
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