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गलतीयां...

गलतीयां हमसफर होती हें ऊस मन्जील की जीसपे चलते चलते तजूर्बा गहरा होता है भूल भूल से सीख सीख के नजर बनता तेज जैसे कट कट के घीस घीस के पत्थर मूरत बनता है -Pankaj Kumar Samal

By Pankaj kumar Samal
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