STORYMIRROR

‘चाहे...

“ ‘चाहे रास्ते कितने काँटों भरे क्यों न हों, अगर आपमें साहस है तो आप गुलाब की तरह एक दिन ज़रूर महकेंगे।’ नूतन गर्ग ”

By Nutan Garg
 82