STORYMIRROR

हर रात के...

हर रात के बाद सवेरा है, फिर क्यों मन को शंकाओं ने घेरा है? यह सब वक्त का ही तकाज़ा है, मन ने मन को ही घेरा है।

By Nutan Garg
 147


More hindi quote from Nutan Garg
0 Likes   0 Comments
0 Likes   0 Comments
2 Likes   0 Comments
3 Likes   0 Comments
3 Likes   0 Comments