STORYMIRROR

हर रात के...

“ हर रात के बाद सवेरा है, फिर क्यों मन को शंकाओं ने घेरा है? यह सब वक्त का ही तकाज़ा है, मन ने मन को ही घेरा है। ”

By Nutan Garg
 150


More hindi quote from Nutan Garg
0 Likes   0 Comments
0 Likes   0 Comments
2 Likes   0 Comments
3 Likes   0 Comments
3 Likes   0 Comments