इज़हार-ए-इश्क़ का अंदाज़ था ही बेहद कातिलाना, की करता सा चला गया हमें बेइन्तहाशा घायल, बेइन्तहाशा घ... इज़हार-ए-इश्क़ का अंदाज़ था ही बेहद कातिलाना, की करता सा चला गया हमें बेइन्तहाश...