नाज़ जिसपे किया वो शख्स ही बेदम निकला साज़ बदले बहुत आवाज़ में बस ग़म निकला। नाज़ जिसपे किया वो शख्स ही बेदम निकला साज़ बदले बहुत आवाज़ में बस ग़म निकला।