अब तो दिसंबर भी बीत गया तेरा कोई ठिकाना नहीं , एक बार भी हम मिल ना पाए तुझसे ऐसा रहा अब तो दिसंबर भी बीत गया तेरा कोई ठिकाना नहीं , एक बार भी हम मिल ना पाए तुझसे ...