ये उदासी, तुम्हारे चेहरे पर कब से छाने लगी, किसी के ज़हन का सुकूँ चुराना, छोड़ दिया क्या? ये उदासी, तुम्हारे चेहरे पर कब से छाने लगी, किसी के ज़हन का सुकूँ चुराना, छोड़ ...