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Shubham Dwivedi

Others

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Shubham Dwivedi

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वसंत

वसंत

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फाल्गुन का जाना होगा जिस दिन,

हे वसन्त आना तुम्हारा होगा उस दिन।


स्वागत को आतुर हैं हम तेरे बिन,

हम हर्ष उल्लास खुशी को व्याकुल हैं हम।


चारों ओर खाली है हरियाली,

फूल खिलाने को व्याकुल हैं हम।


त्योहारों के उत्सव को पाने को हम,

उत्सुक हैं वसंत पंचमी और शिवरात्रि को।


बड़े-बड़े आम्र तरु की डालों में,

सुगंध बौरों की पाने को इच्छा है मन में।


हम बैठे हैं तैयार तुम्हारे,

स्वागत को ऋतुराज।।



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