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Rajesh Gupta

Others

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Rajesh Gupta

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तुम मेरे लिए

तुम मेरे लिए

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इसी वजह से बहुत ख़ास हो तुम मेरे लिए

दर्द में ख़ुशियों का एहसास हो तुम मेरे लिए


वो समुंदर जिसे पीना नहीं हुआ मुमकिन

उसकी हर बूँद-बूँद प्यास हो तुम मेरे लिए


सिर्फ़ ख़ुशबू से ही बीमार को आराम मिले

जैसे सहरा में अमलतास हो तुम मेरे लिए


मैंने देखा नहीं ख़ुदा को उम्रभर लेकिन

ख़ुदा के होने का विश्वास हो तुम मेरे लिए


जिसको जीने की तमन्ना है दफ़्न सीने में

उसी किरदार का इतिहास हो तुम मेरे लिए


कभी लगता है कि ख़ुदा की हो कोई नेमत

कभी तक़दीर का क़यास हो तुम मेरे लिए


सात जनमों की दूरियाँ हैं दरमियां लेकिन

मेरी नज़रों के आस-पास हो तुम मेरे लिए


रब की मौजूदगी का कुछ नहीं सबब जैसे

ठीक वैसे ही अनायास हो तुम मेरे लिए।


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