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Monika Saini

Others

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Monika Saini

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ठेले वाला

ठेले वाला

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किसी की झिड़क तो किसी के ताने,

किसी की डांट तो किसी के रोब ठिकाने,

मजबूरी में ये भार कन्धों पर ढोता गया,

चार पेट बैठे है भूखे घर में मेरे,

सोच के वो ठेले वाला सब सहता गया, 

इस मोड़ से अगले मोड़,

इस गली से उस गली,

आवाज लगाता गया,

भूख कमाता गया

भूख कमाता गया



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