STORYMIRROR

तजुर्बा

तजुर्बा

1 min
411


मैने बहुत झूठ बोले हैं

कोई यकीन ही नहीं करता

कहते हैं पागल

तुम झूठ बोल ही नहीं सकते


तो मैंने कहा

एक बार यकीन कर लो

जिंदगी भर पछताने की

जरूरत नहीं पड़ेगी

और

फिर क्या

लोगों ने इतना प्यार दिया की

प्यार पाते पाते

बुढ़ापा भी जवान हो गया


गुजरती उम्र के साथ

नई जिंदगी शुरू हो गयी

बुजुर्ग बुजुर्ग होता है

इसे सच्चाई से क्या वास्ता

जिंदगी में सबकुछ होता है सस्ता

अगर वो मुफ्त में मिले....!



Rate this content
Log in