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तजुर्बा

तजुर्बा

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मैने बहुत झूठ बोले हैं

कोई यकीन ही नहीं करता

कहते हैं पागल

तुम झूठ बोल ही नहीं सकते


तो मैंने कहा

एक बार यकीन कर लो

जिंदगी भर पछताने की

जरूरत नहीं पड़ेगी

और

फिर क्या

लोगों ने इतना प्यार दिया की

प्यार पाते पाते

बुढ़ापा भी जवान हो गया


गुजरती उम्र के साथ

नई जिंदगी शुरू हो गयी

बुजुर्ग बुजुर्ग होता है

इसे सच्चाई से क्या वास्ता

जिंदगी में सबकुछ होता है सस्ता

अगर वो मुफ्त में मिले....!



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