सुबह
सुबह
1 min
342
सुबह की ये धूप आज बहुत सुहानी है......
इनमें चिड़ियों की चुलबुल सी किलकारी है.....
यह ठंडी हवाएं भी हैं बोल रही.....
इनको भी कोई बात सुनानी है....
राह देख रहा रास्ता घर का भी आज.....
फिर भी भटकना बंजारों सा कैसी ये मेरी नादानी है....
इस सुबह ने तो अपनी सुना दी, अब मेरी बारी है...
अब मुझे भी इसे अपनी दास्तां सुनानी है.....
