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Abhishek Anand

Others

2.3  

Abhishek Anand

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सपनों की उड़ान

सपनों की उड़ान

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उड़ चले हम परिन्दें,

छूने आसमान को,

नाप लेंगें हम अभी,

पँख से जहान को।


है कि मेहनत कठिन,

भरने हम उड़ान को,

है धड़ी हमने हिम्मत,

आलिंगने हर अंजाम को।


थी कभी जो मृगतृष्णा,

हैं आज सपने मेरे,

सपनों को सच करने,

लो आज हम उड़ चले।


अभी तो हमने पर पसारे,

जीतना है जग हमें,

राह के रोड़ों से लड़कर,

चूमना है नभ हमें।


धैर्य, विश्वास, यत्न, हिम्मत,

यदि ये सब है तुममें,

यकीं मानो फिर सफलता,

खुद ढूंढ लेगी तुम्हें।।


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