STORYMIRROR

Shashank Tiwari

Others

3  

Shashank Tiwari

Others

सब सहो, मर्द बनो

सब सहो, मर्द बनो

2 mins
419

दारु ना चढ़ने की रेस लगाएं

मोटर गाडी थोड़ी तेज़ चलाएं

रात को माँ के पैर दबाएं

और पापा से आंखें चुराएं


सर्द रातों में सख्ती जताएं

नम आँखों को खुद से छुपाएं 

अँधेरे में डर को छुपाएं

घबराये, घर में छिपकली भगाएं


पर कैसे तुमको ये समझाएं

गर होता कोई राज़, तब तो बतलाएँ

सब संभालना चाह है, पहचान नहीं

उम्मीदों से यूँ ना जकड़ो, मर्द बनना इतना भी आसान नहीं


क्यों ना चूले की आंच से हमारा भी हाथ जले

क्यों ना नमक के नाप तोल में हम भी उलझे रहे

क्यों ना फुलझरी के साथ हम भी चहचहाए

सुतली बम से हम भी कतराएं


आखिर क्यों पिंक से परहेज़ करें

कब तक मर्द बनो के ताने सुनते रहें

क्यों समाज के शर्तो पे चलते रहें

आखिर कब तक दर्द नहीं होता कहते रहें


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन