Sahit Cheat
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न जाने कितने रात सैनिक पैरों पर गुजारते है,
न जाने कितनी रातों की नींद आंखों से ओझल रहती है।
चाहे पहर कैसी भी हो मौसम की,
वो अडिग खड़े रहते है,
वे तकलीफों से जूझते है,
तभी तो हम आराम से सोते है...!
सैनिक