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Akram Qureshi

Others

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Akram Qureshi

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साथ तुम्हारे

साथ तुम्हारे

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फुर्सत के वो लम्हे,

कहीं बैठे होगें हम-तुम,

यूँ हीं आपस में गुफ्तगू करते,

समेट लेंगे इन हसीन लम्हों को,

अपनी पलकों में छुपा लेंगे,

तुम्हारे इस हसीन साथ को

तुम्हारी आरजू,

तुम्हारी जुस्तुजू,

होगें साथ हमारे....!


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