STORYMIRROR

Keerti Bhatia

Others

2  

Keerti Bhatia

Others

प्यारी सी एक दुनिया मेरी

प्यारी सी एक दुनिया मेरी

1 min
188

जिंदगी मेरी कुछ यूं लिखी गई

पन्नों में मेरी हर खुशी भर्ती गई

हाथों में जो लकीरें ना थी मेरे

उन लकीरों की रेखा भी मेरी माँ बनाती गई


यू तो जन्म हमे माता पिता देते है

पर लिखने को हम सिर्फ माँ की

दास्तान लिखते है

पिता फिर भी चुप्पी साधे रहते है

क्योंकि उन्हे भी पता है

माँ के सामने भगवान भी झुकते है


माता पिता उस पेड़ की जड़ें है

जिन पेड़ों के हम फूल है

खुशबू बिखेरे जग में हम

सपनों की ये उड़ान है


Rate this content
Log in