मिले
मिले
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मन मिले जिस से
रिश्ता रखो उसी से,
जहां कद्र नहीं
वहां जाना नहीं,
जो सुनता नहीं
उसे समझाना नहीं,
जो पचता नहीं
उसे खाना नहीं,
जो सत्य पर बीरू हो
उसे मनाना नहीं,
जो नजरों से गिर जाये
उसे उठाना नहीं।
