STORYMIRROR

Vishal patil Verulkar

Others

3  

Vishal patil Verulkar

Others

मौत का पैगाम

मौत का पैगाम

1 min
295


जिंदगी क्या है,

एक महासागर,जिसमें

हजारों गम है, हजारों खुशियां,

और कभी न खत्म होने वाला इंतजार,

जो हमेशा आने वाले गम का,

सामना करने के लिए तैयार रहता है।


उस खुशी का स्वागत करने के लिए,

जो उसके जीवन में, बहार बनकर आने वाली है,

नहीं करता तो वो इंतजार,

केवल मौत का ,


और वक्त अचानक दस्तक देता है,

उसके दरवाजे पर, हवा बनकर,

"मौत का पैगाम" लेकर,


जिसका उसे एहसास भी नहीं होता,

और वक्त

इस शरीर की सीपी से,

मोती सी सांस, निकाल ले जाता है।।



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

More hindi poem from Vishal patil Verulkar