Buy Books worth Rs 500/- & Get 1 Book Free! Click Here!
Buy Books worth Rs 500/- & Get 1 Book Free! Click Here!

Krishna S

Others


1  

Krishna S

Others


माना की...

माना की...

1 min 53 1 min 53

माना कि तपिश में वो पहले सी बात नहीं,

पर इसका ये मतलब नहीं के आग नहीं..!!


माना कि तेरी तलब में अब या-इलाही नहीं,

पर ये भी नहीं के तू अब मेरी जान नहीं...!!


माना कि सिसकने में पहले सी आवाज नहीं,

पर दर्द कम हो गया हो ऐसी भी बात नहीं..!!


Rate this content
Log in

More hindi poem from Krishna S