कविता
कविता
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होंठों पर मुस्कान थी,
आँखों में कुछ करने की चमक थी,
हौंसला मजबूत था,और कंधे पर बस्ता था,
ये तो "विद्यार्थी जीवन "का स्वरूप था,
जो जीवन में सबसे अच्छा था।
