ख्याल
ख्याल
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अंधेरों में रोशनी करते हैं
ये बन्दे जो शायरी करते हैं
ज़ख्मी होते हैं जिगर भी लेकिन
मोहब्बत की पैरवी करते हैं
हमने काटी है जवानी यूं ही
अब तो बच्चे आशिकी करते हैं
तेरे घायल को बचा क्या चारा है
हंसते हंसते खुदकुशी करते हैं
तेरी आंखो के नशे के तालिब
वो उम्र सारी मयकशी करते हैं।
