खुशियों की सौगात,नारी शक्ति
खुशियों की सौगात,नारी शक्ति
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नारी है जननी हमारी
करना उसका सम्मान
अष्त्भुजधारिणी वह
भगवान से पाया वरदान
खाना पकाती परोसती
परिवार मे सबसे भोली
निभाती नातारिश्ता वह
भर देती सुख से झोली
हाथ बॅंटाती सब काम में
उसके बिना जीवन अधुरा
उसे रूठना मत देना कभी
दो खुशी का मौका सुनहरा
दादी नानी बुआ और मौसी
बटोरती है सदा सबको प्यार
पाना चाहती इज्जत आपसे
मत भूलो आप भी उसे यार
जीना सिखाती है हमेशा मॉं
सदाबहार हरी भरी हरियाली
लाओ आप उसके जीवनमें
संसार की सारी खुशहाली
