खुशहाल जिन्दगी के पहलू
खुशहाल जिन्दगी के पहलू
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हर शख्स है ग़लती कि मूरत
तू पछताये बनाये क्यो रोती सूरत।
तेरी आदतें लगे दूसरों को अजब
पर नही कर वही जो लगे गज़ब ।।
हर इंसा में पोशिदा है हुनर
तू उसे पेश कर हो जा मुनव्वर ।
तुझे कुछ देखेंगे नुक्ता-नजर
हिम्मत कर उन्हें बेनजर ।।
विफलता से न हो विचल
कुछ नया कर मचा दे हलचल ।
जब बंधने लाय असफलता की कगार पर
फैसला ले सोच के विचार कर भविष्य कि बहार पर ।।
यही है बिन अफ़सोस जिंदगी का
लुत्फ़ उठाने के कुछ पहलु ।
मैं तो जान गया अब
तुझसे कह दूँ ।।
