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Sumit Arora

Others

3.3  

Sumit Arora

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कौन है तू||

कौन है तू||

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तू नहीं है, फिर भी तेरा एहसास क्यूँ है

तू दूर है कोसो, न जाने लगे पास क्यूँ है

रिश्ता कोई नहीं है तुझसे,फिर भी ऐसे जज़्बात क्यूँ है

सिर्फ़ देखा है पल भर के लिऐ तुझे,लगे सदियों सा साथ क्यूँ है

हर हाल में तुझको है पाना,ऐसे सवालात क्यूँ है

बस तुझे ही सोचे दिल हर लम्हा, ऐसी करामात क्यूँ है

हर इबादत में हो जिक्र तेरा,ऐसे ख़यालात क्यूँ है

कशिश क्या है न जाने तुझमे, चाहे तुझे दिन रात क्यूँ है

रहे बख़्शता तू हर सौगात ऐ दाता, सुमित की औक़ात कुछ यूँ है

 


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