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craft with Pranjal

Others

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काश तुम मेरी होती

काश तुम मेरी होती

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काश तू मेरा होता तो ये गम ना होता यूं मैं रातों को अकेला ना रोता। 

तुम साथ नहीं हो पर तुम्हारी यादें मेरे साथ है, उन्हें ही सोचते गुजरते मेरे दिन - रात है। 

तू क्यों मेरे ख्वाबों में है क्यों नहीं मेरे हाथों की लकीरों में

वो तेरी प्यारी से मुस्कुराहट को सोच मेरे सारे गम मैं भूल जाता हूं क्यों मैं तुझे नहीं भूल पता हूँ। 

तुझे एक पल भी ना सोचो तो मेरा दिल तड़पता है तुझे एक नजर देखने को हर पल तरसता है। 

लेकर तेरी यादों की किताब मैं यूं ही फिरता रहूंगा तेरे बिना भी मैं तुझसे ही प्यार करता रहूंगा। 

काश तुम मेरी होती तो ये सारे गम ना होते पर हम जिसे चाहते है वो कहा नसीबों में होते है।

अक्सर जो सच्चा प्यार करते है वो अकेले ही रोते है 


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