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जो दिखेगा वही बिकेगा

जो दिखेगा वही बिकेगा

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मिला एक दिन मुझे

नया-नया फिल्म-निर्देशक बना एक फिल्म-पत्रकार


कहता हुआ ‘माई फिल्म इज डिफरेन्ट’


और वह भी अलग सा दिखने लगा है आजकल

इन सात-आठ महीनों में

ख़ासा मोटा हो गया है

दूसरे चर्चित बम्बइया मोटे डायरेक्टरों की तरह 


अब मोटे होने की वजह से

निर्देशक बन गया वह पत्रकार

या निर्देशक बनने के लिए

मोटा हो गया है वह

यह ज़रा सोचने की बात है


वैसे बॉलीवुड में तो सब कहते ही हैं यह बात-

‘जो दिखेगा वही बिकेगा

और जो बिकेगा वही दिखेगा’

और जो जैसा दिखेगा वो वैसा बिकेगा,

डायरेक्टर जैसा जो दिखेगा नहीं भला

वह डायरेक्टर जैसा बिकेगा कैसे?


इस बात को और विस्तार देते हुए

और अपने दर्शन की धूप चमकाते हुए

एक नवोदित अभिनेत्री ने कहा था-

‘या तो एस.आर.के. बिकता है यहाँ या एस.ई.एक्स.’


इसलिए सब खड़े हैं अपनी-अपनी देह के साथ

फिर पर्दे के पीछे खड़ा डायरेक्टर  

क्या करे ख़ुद के लिए बेचारा?


मोटापा ही सही

यही है पहचान उसकी


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