जिंदगी कोई खेल नहीं
जिंदगी कोई खेल नहीं
1 min
327
जिंदगी कोई खेल नहीं
सभी अपनी ओर से खेलने चाहते हैं,
अपनी ओर से खेलते भी हैं
फिर भी जिंदगी अपने वश में नहीं है।
पर एक बात है जो हर कोई भूल जाता है वो ये समझ ले,
रिश्ते बदलते, रास्ते बदलते, प्यार नहीं बदलता
बदलने पर वह प्यार नहीं होता है।
जीत भी गए, या हार भी गए ,प्यार प्यार है
प्यार में हारने पर भी प्यार प्यार है, जिंदगी कोई खेल नहीं।
