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Ajayraj Shekhawat

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Ajayraj Shekhawat

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जीवन पल दो पल की कहानी

जीवन पल दो पल की कहानी

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जीवन पल दो पल की कहानी 

आते जाते सफर की निशानी 

आज यहाँ कल कहाँ हो डेरा 

कुछ भी नहीं है यहाँ पे मेरा 


एक जीवन है जी भर कर जी लो 

कुछ सुन लो मेरी कुछ अपनी

कह दो 

अन्धकार का राज़ बहुत है 

दीपक का उजियारा कर दो 

पढ़ना लिखना बनना ज्ञानी

कड़ी मेहनत से सफलता पानी


जीवन पल दो पल की कहानी 

आते जाते सफर की निशानी


अल्हड़ बचपन मस्ती में बीता 

ना कोई बंदिश ना कोई चिंता

वो चॉकलेट खिलौनों की दरकार

वो माँ का प्यार पिता की फटकार 

बारिश के पानी में नाव चलानी 

चुपके से आई उफ़ ये जवानी 


जीवन पल दो पल की कहानी 

आते जाते सफर की निशानी


सुख चैन नींद आराम सब पीछे छूटा 

हाय री जवानी तूने जमकर लूटा 

एक अजीब सी दौड़ में भागा 

जैसे अंधा पिरोता सुई में धागा 

सूखती जा रही शाख की डाली 

जवानी की करवट बुढ़ापे तक

आ ली 


जीवन पल दो पल की कहानी 

आते जाते सफर की निशानी


अंतिम चैन अब यही पे पाया 

बचपन में जाने का मन ललचाया 

मौत ने मेरा दर खटकाया 

मैने खुशी से गले लगाया 

अंतिम दृष्टि जीवन पर डाली 

आया था खाली गया भी खाली 


जीवन पल दो पल की कहानी 

आते जाते सफर की निशानी


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