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Ritika Raut

Others

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Ritika Raut

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झरना

झरना

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जीवन एक तरह का झरना है

उसे हर वक्त आगे बढ़ना है

आंंधी और तुफान का सामना करना है।

उसे आगे बढ़ना है।

खुशी से आगे बढ़ना था उसे

आगे पड़ गये प्रदूषण के झांसे।

जीवन की उम्मीद कुछ टूटी ऐसे

नदी का नाता दरीया से छूटे।

प्रदूषण ने उसकी उम्मीद थी तोडी़

झरने से समुद्र बनने की इच्छा थी मोडी़।



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